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Friday, November 22, 2013

Dandruff problum



 रूसी तो आजकल की एक ऐसी समस्या है जिससे आदमी, औरत, बच्चे सभी परेशान है। इसमें सिर के बालों में छोटे छोटे सफेद सफेद छिलके से हो जाते है। यह वैसे तो सामान्यतः हर किसी के बालों में होते हैं लेकिन जब ये बढ जाते है तो एक समस्या बन जाते हैं। समस्या बनने के बाद ये बालों के साथ-साथ सिर की त्वचा पर भी असर  डालते हैं। इसके कारण सिर में तेज खुजली के साथ-साथ हल्की सूजन भी आ जाती है। इसके साथ ही यह रूसी भौंहौ ,पलकों ,ठुड्डी के ऊपर.कान के पीछे, नथुनों के बगल में जमा होकर seborrhic dermstitis का रूप ले लेती है।
कारण-
रूसी होने का सबसे प्रमुख कारण pityrosporum  ovale/mellasezia furfur नामक कवक है जो  हमारे शरीर पर सामान्यतः उपस्थित होता है। सामान्य तौर पर यह शरीर में किसी तरह का कोई रोग आदि  पैदा नहीं करता लेकिन जब यह बढ जाता है तब सारी समस्याएं शुरू हो जाती हैं।
चिकित्सा-

  • रूसी को दूर करने की सबसे पहली शर्त है अपने सिर की सफाई रखना। ध्यान रहे रूसी सबसे पहले गंदे सिर या बालों में ही होती है।
  • बालों को रोजाना धोना चाहिए। बहुत से लोगों का कहना है कि रोजाना बाल धोने से कमजोर होते हैं लेकिन ऐसा नहीं है। अगर आप रोजाना बालों को नहीं धो सकती तो एक दिन छोड़कर एक दिन तो बालों को जरूर धोना चाहिए।
  • बालों को धोने के लिए कभी भी साबुन का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए क्योंकि साबुन में इस्तेमाल होने वाले कैमिकल्स बालों की जड़ों को कमजोर बनाते हैं।
  • बालों को धोने के लिए शैंपू हमेशा अच्छी कंपनी का ही प्रयोग करना चाहिए।
  • गीले बालों को कभी नहीं बांधना चाहिए। जहां तक हो सके पहले बालों को सुखा लें और फिर बांधे।
  • बालों को धोने के बाद उनमें कंडीशनर करना भी एक अच्छा तरीका है बालों को स्वस्थ रखने का। इससे बालों में रूसी भी नहीं होती और चमक भी बनी रहती है।
  • अपने बालों में सरसो या जैतून के तेल की मालिश जरूर करनी चाहिए। अगर आप ऑफिस आदि में काम करती है तो रात को सोने से पहले तेल की मालिश कर सकती है क्योंकि इससे पूरी रात आपके बालों में अच्छी तरह समा जाएगा और सुबह आप बालों को धोंएगी तो तेल उनमें नजर भी नहीं आएगा।

cracked heels



सर्दी के मौसम में जो एक परेशानी सबसे बड़ी और ज्यादातर हर किसी को होने वाली होती हैं वह है एड़ियों को फटना। सर्दी के मौसम में एङियों का फटना बहुत कष्ट देता है लेकिन यदि इसके कारण और चिकित्सा के बारे में थोङी जानकारी हो तो कोई भी बङे आराम से इस समस्या को दूर कर सकता हैं। सर्दी के मौसम में त्वचा की नमी और चिकनाई कम हो जाती हो और सबसे ज्यादा तो पांव की त्वचा की। लगातार जमीन के संपर्क में रहने से पांव की त्वचा और भी फटनें लगती है और फटी हुई त्वचा से जब मिट्टी आदि अंदर जाती है तो फिर हो जाता है संक्रमण। फटी एड़ियों का दर्द इतना ज्यादा होता है कि बर्दाश्त करना मुश्किल होता है और रात को सोते समय चादर आदि में फटी एड़ियां फंस जाती है वो भी एक समस्या। अब समस्या है तो उसका इलाज भी होगा और अगर वो इलाज बहुत ही सिंपल हो तो बात ही क्या है।
  • अपने पैरों और फटी एड़ियों पर दिन में जितनी बार हो पैट्रोलियम जैली या कोल्ड क्रीम आदि लगाते रहना चाहिए।
  • रात को सोने से पहले पानी को गुनगुना करके और उसमें हल्का सा नमक मिलाकर कुछ देर तक पैरों को उस पानी में डालकर रखना चाहिए। इससे फटी एड़ियों की जलन भी दूर हो जाती है।
  • सर्दियों के मौसम में जहां तक हो सके पैरों में जुराब आदि पहनकर रखना चाहिए क्योंकि नंगे पैर रहने से त्वचा ज्यादा फटती है।
  • सबसे बड़ी बात जैसे ही सर्दी का मौसम आने वाला हो अपने पैरों की एड़ियों की देखभाल करना शुरू कर दें। अगर आप पहले से ही अपनी एडि़यों की देखभाल करती हैं तो आपकी एड़ियां फटेगी ही नहीं और आपको किसी तरह की परेशानी भी नहीं होगी।

Trifla


Bhige huye chane




Health tips 4 u

Plz follow this tips and be healthy

  1. शाम को समय से सोना और सुबह जल्दी उठकर सैर पर जाना या हल्का-फुल्का व्यायाम या योगा आदि करना स्वास्थ्य को अच्छा बनाए रखने का सबसे अच्छा तरीका है।
  2. अगर आप चाहते हैं चैन की नींद सोना तो सोते समय 'चिंता' आदि को बिल्कुल अपने दिमाग से निकालकर सोएं।
  3. पाचनक्रिया को ठीक रखने के लिए भोजन को सही समय पर खाएं।
  4. बहुत से लोग कहते हैं कि अण्डा, मांस आदि मांसाहारी चीजें खाने से शरीर में ताकत बढ़ती है। मांसाहारी चीजें खाने से शरीर में मोटापा तो बढ़ता है लेकिन कई तरह के रोग भी पैदा हो जाते हैं।
  5. यदि अपनी यौनशक्ति को अधिक समय तक बनाकर रखना हो तो अपने मन में गंदे विचार न आने दें। संभोगक्रिया को हफ्ते में 1 से 2 बार ही करनी चाहिए।

health tips 4 winter season



  • सर्दी में जहां तक हो सके हल्के गुनगुने पानी से ही नहाना चाहिए औऱ हो सके तो अपने नहाने के पानी में थोड़ा सा बॉडी ऑयल मिला लें क्योंकि इससे त्वचा मुलायम रहती है।
  • साबुन का जहां तक हो सके सर्दी के मौसम में कम इस्तेमाल करना चाहिए क्योंकि साबुन त्वचा के रूखेपन को बढ़ा देता है।
  • नहाने के बाद पूरे शरीर पर सरसों या जैतून के तेल की मालिश जरूर करनी चाहिए।
  • जहां तक हो सके रोजाना अपने चेहरे पर गर्म पानी की भाप जरूर लें क्योंकि इससे त्वचा का रूखापन दूर होता है।
  • इस मौसम में साबुन कम इस्तेमाल करना चाहिए, क्योंकि साबुन त्वचा की शुष्कता को और बढ़ा देता है।  
  • धूप में बैठना हो तो सूरज की तरफ मुंह करके न बैठे क्योंकि ज्यादा तेज धूप के कारण त्वचा को नुकसान हो सकता है।

Thursday, November 21, 2013

Neem


Useful daily tips



  • भिंडी की जड़ को धूप में सुखाकर बिल्कुल बारीक चूर्ण की तरह पीस लें। इस चूर्ण को नियमित रूप से सेवन करने से प्रदर रोग में बहुत लाभ मिलता है।
  • 4 बादाम रोजाना सुबह और शाम को नियमित रूप से खाने से सर्दियों में होंठ नहीं फटते हैं।
  • मटर के दानों को खाने से स्त्री के स्तनों में दूध की मात्रा बढ़ जाती है।
  • थोड़े से लौंग के चूर्ण को शहद में मिलाकर खाने से खांसी में लाभ मिलता है।
  • शहद को अगर नियमित रूप से चेहरे पर लगाया जाए तो चेहरे की सुंदरता कई गुना बढ़ जाती है।

Pimples



jkhealthworld.com/hindi/मुहांसे
दोस्तों मै राशि राठौर और आप सबको मेरी तरफ से नमस्कार। आज मैं आपके लिए लेकर आई हूं मुहांसों के बारे में एक आर्टिकल, आशा है आपको यह जरूर पसंद आएगा औऱ अगर इसमें कुछ कमी हो तो आप मुझे मेल कर सकते हैं मेरी Email id है priyarathode1985@gmail.com.
मुहांसे-

कोई भी लड़का या लड़की जब जवानी में पहला कदम रखते हैं तो उनके अंदर के रासायनिक और हार्मोंस परिवर्तन बड़ी तेजी से बदलते हैं जिसके कारण त्वचा पर मुहांसे निकल जाते हैं।

      मुहांसे अक्सर तैलीय त्वचा पर निकलते हैं और इसके निकलने का सबसे बड़ा कारण होता है कम पानी पीना।

कैसे दूर करे चिकित्सा-

मुहांसे निकलने के बाद भोजन में तली-भुनी चीजें खाना बिल्कुल बंद कर देना चाहिए।

पूरे दिन में पानी ज्यादा से ज्यादा पीना चाहिए जहां तक हो सके 10 गिलास पानी जरूर पीना चाहिए।

सुबह उठते ही 1 गिलास हल्के गर्म पानी में शहद और नींबू मिलाकर पीना चाहिए।

मुहांसों को कभी भी नाखून से नहीं छीलना चाहिए।

भोजन में हरे पत्ते वाली सब्जियों का ज्यादा इस्तेमाल करना चाहिए।

भोजन में मीठी चीजें जितना हो कम से कम ही खानी चाहिए।

Monday, November 18, 2013

best health tips

  • बाहर से आने के बाद, खाना बनाने से पहले, खाने से पहले, खाने के बाद, बाथरूम का उपयोग करने के अर्थात ऐसा कोई भी कार्य जिसको करने के लिए हाथों को किसी कीटाणु रहित चीज को छूना पड़े, के बाद हाथों को अच्छी तरह साबुन या हैंडवाश से धोना चाहिए। अगर आपके घर में कोई छोटा बच्चा है तब तो यह और भी जरूरी हो जाता है क्योंकि छोटे बच्चों को कीटाणु जल्दी पकड़ते हैं।
  • खाने बनाते समय हमेशा ताजी सब्जियों का ही प्रयोग करें और सब्जियों को बनाने से पहले अच्छी तरह पानी से जरूर धोएं।
  • बहुत ज्यादा तेल-मसालों वाले और भारी भोजन का उपयोग न करें। खाने को ज्यादा पकाकर सब्जियों के पौष्टिक तत्व नष्ट न करें। जहां तक हो सब्जियों को हमेशा ढककर ही बनाना चाहिए।
  • भोजन में दही सलाद, दलिया, हरी सब्जियों, दालों आदि का प्रयोग जहां तक हो ज्यादा से ज्यादा करें। खाना पकाने और पीने के लिए हमेशा साफ पानी का प्रयोग करें।
  • अपने सोने या आराम करने के कमरे को हमेशा साफ-सुथरा और हवादार रखें। चादरों, तकियों आदि के गिलाफ आदि को समय-समय पर बदलते रहें।
  • योगा, व्यायाम, ऐरोबिक्स आदि करने के लिए एक फिक्स टाईम बांध लें क्योंकि इन चीजों को रोजाना दिन में एक बार करना अच्छी सेहत के लिए बहुत जरूरी हैं।
  • रात को टाईम से सोने की और सुबह जल्दी उठकर मॉर्निंग वॉक पर जाने के आदत बना लें।
  • 40 से 45 की उम्र पार करने के बाद अपना नियमित चेकअप जरूर करवाते रहें और अगर कोई परेशानी हो तो डॉक्टर के कहे अनुसार दवाईयां लेना न भूलें। जितना ज्यादा हो प्रकृति के करीब रहने की कोशिश करें। बच्चों और अपने पालतू जानवरों के साथ खेलकर दिन बिताएं।

Memory power


वैज्ञानिकों के अनुसार दिमाग का जितना ज्यादा उपयोग किया जाता हैं, उतना ही वह तेज चलता  है। लेकिन फिर भी बहुत से लोगों के दिमाग में सवाल यह उठता है कि दिमाग का उपयोग किस तरह करें। तो आपके लिए पेश है कुछ ऐसे ही टिप्स जो आपको बताएंगे कि आपको अपने दिमाग का उपयोग कैसे करना है-
  • अगर आपकी अंग्रेजी कमजोर है तो खाली समय में आप अपनी अंग्रेजी को मजबूत करने की कोशिश कीजिए। एक उम्र बीत जाने के बाद समझ शक्ति बढ़ जाती है। विद्यार्थी जीवन में जो चीज आप मुश्किल से समझ पाते थे, वह एक उम्र बीत जाने के बाद जल्दी समझ में आती है।
  • अगर आप लिखने का शौक रखते हैं तो पत्रिकाओं, पेपर आदि में छपे आर्टिकल की प्रतिक्रियाएं अपने विचारों के अनुरूप लिखिए। इससे भी बहुत अच्छा दिमागी व्यायाम हो जाता है।

  • अगर आप किसी दिन ऑफिस से छुट्टी लेकर घर में हैं, तो आपके पास उस दिन बहुत-सा समय है। खाली समय में अपने बच्चों की पुस्तकें पढ़ें और अपने बच्चों को भी पढ़ाएं। डिक्शनरी को हमेशा साथ में रखें। पूरे पाठ को अच्छी तरह समझकर आसान भाषा में उदाहरण सहित बच्चों को समझाएं।
  • पेपर आदि में कई तरह की पहेलियां आदि बनाने के लिए आती हैं उन्हे ज्यादा से ज्यादा सुलझाने की कोशिश कीजिए।
  • अपने घर-परिवार से संबंधित जानकारियों और आर्टिकल आदि को पढ़ें और जमा करके भी रखें क्योंकि यह आपके भविष्य में काम आ सकते हैं। 
  • टी.वी आदि पर क्वीज प्रोग्राम ज्यादा से ज्यादा देखें और उनके जवाब देने की पूरी कोशिश करें
  • समाचार-पत्र और मैग्जीन आदि नियमित रूप से पढ़नी चाहिए। एक सर्वे के मुताबिक रोजाना किताबें पढ़ने वालों का आईक्यू, टीवी देखने वालों से अधिक होता है। क्योंकि पढ़ने से कल्पनाशीलता बढ़ने के साथ-साथ दिमागी व्यायाम भी हो जाता है।

Isabgol ke gun


Imli ke gun


Friday, November 15, 2013

How to manage healthy body

किसी भी मशीन या गाडी को चलने के लिए एनर्जी की आवश्यकता होती हैहमारा शरीर एक बड़ी मशीन की तरह है ,   जो लगातार सातों दिन काम करती रहती है
अब आप सोच रहे होंगे की हम लगातार काम कहाँ करते हैं ?  रात मे सोते  भी तो हैं,

तो आपको बता दें कि जब आप  सोते , आपका दिल ,आपके फेफड़े ,आपका पाचन संस्थान,  आपका रक्तसंचार ये सारे सिस्टम अपना कार्य करते रहते हैं !  जब आप गहरी नींद में होते हैं  तब भी दिल का धडकना, सांस का चलना ,  , खून का पूरे शरीर में घूमना, खाने का पचना  आदि काम अपने आप होते रहते हैं !
 किसी भी मशीन या गाडी को चलने के लिए एनर्जी की आवश्यकता होती है फिर वो चाहे बिजली से मिले पेट्रोल से मिले या फिर डीजल से मिले, उसी तरह आपके शरीर की क्रियाओं को चलाने  के लिए भी एनर्जी की आवश्यकता होती है ,जो आपके शरीर को भोजन द्वारा मिलती है।
        आप जो भी भोजन करते हैं ,उसके पाचन होने से जो एनर्जी पैदा होती है ,वही शरीर को चलाने के काम में आती है !  
जो एनर्जी आपके खाने से बनती है उसमे से कुछ तो तुरंत काम आ जाती है और कुछ भविष्य के लिए जमा हो जाती है। शरीर की ये जो एनर्जी है ये फैट के रूप में आपके शरीर में जमा हो जाती है ! 
आपने पढ़ा या देखा होगा की कुछ लोग कई दिनों तक सुनसान स्थानों पर फंस जाते हैं ,,उनके पास न खाने को कुछ होता और न ही पीने को ,फिर भी वे लोग बिना कुछ खाये-पिये जिन्दा रहते हैं !ऐसे समय के लिए शरीर फैट के रूप में एनर्जी को जमा करके  रखता है !

जो लोग नियम से भोजन करते हैं उनकी एनर्जी  के खर्च का तालमेल बना रहता है !और शरीर सहज रूप से उस एनर्जी  को खर्च कर लेता है !

  • खाना नियम से दोनों भोजन करें !
  • खाते ही सोने के लिए नहीं जाना चाहिए
  •  रोजाना हल्का व्यायाम,योगासन और सैर जरूर करनी चाहिए।

  • खाना भूख से कम ही खाएं ! पेट का ,1 भाग पानी और 1 भाग हवा के लिए रखें
  • खाने को दिन में कई बार खाकर पेट भरें एक ही बार में पेट को भरना नुकसानदायक हो सकता है।
  • खाने के तुरंत बाद बहुत पानी नहीं पीना चाहिए।


Thursday, November 14, 2013

Nightfall

शीघ्र-पतन


रोजाना सुबह और शाम 2 केले खाकर उसके ऊपर लगभग 250 मिलीलीटर दूध पीने से वीर्य की पुष्टि होती है।

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Bhukh na lagna




कालीमिर्च के चुटकी भर चूर्ण को शहद के साथ मिलाकर दिन में 3 से 4 बार चाटने स पाचनशक्ति बढ़ जाती है और भूख भी खुलकर लगती है।


Vitamin A

विटामिन ए के बारे में सभी जानते हैं कि यह शरीर के लिए एक बहुत ही जरूरी विटामिन है लेकिन आज हम आपको विटामिन ए के बारे में कुछ ऐसी बातें बताने जा रहे हैं जिन्हे शायद कम ही लोग जानते हैं-
छोटे बच्चों को विटामिन ए की ज्यादा मात्रा में जरूरत होती है।
सन 1931 में विटामिन ए का आविष्कार हुआ था।
गर्भवती स्त्री को विटामिन ए ज्यादा मात्रा में देना चाहिए।
विटामिन ए पानी तेल और वसा में घुल जाता है।
विटामिन ए की कमी से बालों को झड़ना, घेंघा रोग, पुरुषों के अंडकोष के रोग, भूख न लगना, वजन कम होना, गुर्दे की पथरी, दांतों के रोग, सर्दी-जुकाम, बहरापन, आंखों के रोग आदि रोग होते हैं।
   सबसे ज्यादा विटामिन ए निम्नलिखित पदार्थों में पाया जाता है-
     दूध, गाजर, केला, चुकंदर, ककड़ी, मलाई, मूली के पत्ते, अंडे, पका हुआ आम, पालक, हरा धनिया, पोदीना, सीताफल, नींबू, बाजरा, सरसो का साग और पत्तागोभी।

Wednesday, November 13, 2013

Rai aur pet ke kide

Nightfall and dhaniya

स्वप्नदोष


सूखा धनिया तथा मिश्री को बराबर मात्रा में पीसकर चूर्ण बनाकर किसी ढक्कनदार बर्तन में भरकर रख  देते हैं। इस चूर्ण को 5-6 ग्राम के लगभग, ताजा पानी के साथ कुछ दिनों तक सुबह-शाम लेने से स्वप्नदोष रोग में लाभ मिलता है।