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Tuesday, June 3, 2014

Llips care

http://healthyduniyaa.blogspot.in
      यदि आप किसी व्यक्ति से पहली बार मिले और उसके विषय में खास बातें मालूम हो जाएं तो आपके लिए उसके साथ किसी भी प्रकार का व्यवहार करना कितना आसान हो जाएगा। ज्योतिष की सामुद्रिक विद्या के अनुसार कुछ ऐसे संकेत बताए गए हैं, जिनसे व्यक्ति का स्वभाव और खास बातें मालूम हो जाती हैं।

      व्यक्ति के चेहरे पर मुस्कुराहट देखकर हमें प्रसन्नता होती है। इसी मुस्कुराहट और होंठों को ध्यान से देखकर किसी भी स्त्री या पुरुष के स्वभाव को समझा जा सकता है। ज्योतिष में शरीर के लक्षणों के देखकर व्यक्तित्व और भविष्य बताने की विधि को सामुद्रिक विद्या कहते हैं। ये ज्योतिष का अभिन्न अंग है। सामुद्रिक विद्या के अनुसार मनुष्य के सिर से लेकर पैर तक हर अंग के अपने कुछ लक्षण होते हैं, उसकी बनावट, आकार और रंग हमारे व्यक्तित्व के रहस्यों पर तो रोशनी डालते ही हैं, साथ ही भविष्य भी बताते हैं। किसी भी व्यक्ति के होंठों को देखकर ये आसानी से बताया जा सकता है कि वह व्यवहार, आचार-विचार और कार्यक्षेत्र में कैसा है।
      किसी भी व्यक्ति से मिलते समय सबसे पहले हमारी नजर उसके चेहरे पर पड़ती है और उस समय होंठों को ध्यान से देखा जाए तो कुछ खास बातें आप आसानी से समझ जाएंगे। सभी लोगों के होंठ अलग-अलग प्रकार के होते हैं। यहां जानिए होंठों के आकार और बनावट के अनुसार स्वभाव की खास बातें...
मोटे होंठ- जिस व्यक्ति के होंठ सामान्य से अधिक मोटे दिखाई देते हैं, वे क्रोधी स्वभाव के होते हैं। ये लोग छोटी-छोटी बातों पर भी गुस्सा हो जाते हैं। कभी-कभी इनका क्रोध इन्हें किसी परेशानी में डाल सकता है। ये लोग भावना प्रधान और जिद्दी भी होते हैं।
रसिक होंठ- लाल रंग, मृदुल, चिकने, कलात्मक होंठ रसिक होंठ कहलाते हैं। ऐसे होंठ वाला व्यक्ति सुंदर, कला प्रिय और अच्छे स्वभाव का होता है। रसिक होंठ वाले लोग समाज और घर-परिवार  में मान-सम्मान प्राप्त करने वाले होते हैं। ये लोग अपने कार्य क्षेत्र में उच्च शिखर तक जाते हैं और जीवन में कई उपलब्धियां हासिल करते हैं।
गुलाबी होंठ- जिस व्यक्ति के होंठों का रंग गुलाबी होता है, वह व्यवहार कुशल, उदार और बुद्धिमान होता है। ऐसे होंठ वाले लोग अपने व्यवहार के बल पर सभी का मन मोह लेते हैं। इनके मित्रों की संख्या भी अधिक होती है।
उभरे हुए होंठ- जिन लोगों के होंठ सामान्य स्थिति से अधिक उभरे हुए दिखाई देते हैं, वे डरपोक स्वभाव के हो सकते हैं। ऐसे लोग किसी भी कठिन परिस्थिति को हल करने का रास्ता आसानी से खोज नहीं पाते हैं।
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अंदर की ओर धंसे हुए होंठ- जिस व्यक्ति के होंठ सामान्य स्थिति से अधिक अंदर की ओर धंसे हुए हो वह रहस्यमय स्वभाव वाले होते हैं। इन लोगों के मन की बात समझना काफी मुश्किल होता है। अंदर धंसे हुए होंठ वाले व्यक्ति अच्छे योजनाकार होते हैं और ये लोग अपनी योजना को गुप्त रखने वाले होते हैं।
बड़े होंठ- जिन लोगों के होंठ सामान्य स्थिति से अधिक बड़े दिखाई देते हैं, वे  अच्छे खाने के शौकीन होते हैं। इन्हें तरह-तरह के व्यंजन बहुत जल्दी लुभाते हैं।  सामान्यत: ऐसे लोग जल्दी ही आवेश में आ जाते हैं, लेकिन इनका गुस्सा जल्दी ठंडा भी हो जाता है।
संकुचित होंठ- छोटे-पतले होंठ संकुचित होंठ कहलाते हैं। यदि किसी व्यक्ति के ऐसे होंठ हैं और वे बेरंग भी हैं तो ऐसा व्यक्ति दिखावा करने वाला होता है। बेरंग, छोटे और पतले होंठ वाले व्यक्ति अन्य लोगों पर अपना प्रभाव बनाने की चेष्टा करते हैं।
होंठ पर तिल हो तो-
1.         यदि किसी व्यक्ति के होंठ पर तिल है तो ऐसे होंठ वाले व्यक्ति बहुत कामुक स्वभाव के होते हैं। विपरीत लिंग के प्रति इनके मन में कई तरह प्रकार के कामुक विचार चलते रहते हैं। ऐसे लोग दूसरों को बहुत जल्दी प्रभावित करने में सक्षम होते हैं।
2.         यदि होंठ के ठीक नीचे तिल हो तो ऐसे लोग कठिन परिश्रम करते हैं और आसानी से धन लाभ अर्जित नहीं कर पाते हैं। इन्हें कठिन मेहनत के बाद भी लाभ प्राप्त होता है।
3.         कभी-कभी अचानक ही होंठों का फड़कना शुरू हो जाता है। अंगों के फड़कने का ज्योतिष में गहरा महत्व है। अत: जब किसी व्यक्ति के होंठ फड़के तो यह उसे कोई प्रिय वस्तु के मिलने का संकेत होता है।
      ध्यान रखें, व्यक्ति के पूरे शरीर की बनावट के अध्ययन के आधार पर ही सटीक भविष्यवाणी की जा सकती है। सभी अंगों का अलग महत्व होता है। यहां होंठों के अनुसार स्वभाव की बातें बताई गई हैं, लेकिन अन्य अंगों के प्रभाव से ये फल बदल भी सकते हैं।

Friday, May 30, 2014

Meri maa



Thursday, May 29, 2014

Neem ke gun

घर के आँगन में नीम के पेड़ को लेकर कितने ही सांस्कृतिक बिम्ब हमारे सामाजिक जीवन में उभरे है , हिंदी साहित्य तथा गीतों में भी नीम का खुलकर बखान हुआ है
नीम के गुण
नीम के बारे बचपन से सुना था यह कई प्रकार के रोगों में काम आता है पर कुछ दिनों पहले जब मैं अस्वस्थ था तो नीम के बारे में बहुत सी जानकारियां मिली नीम के पत्तो का काफी उपयोग भी किया गया मेरे लिए | नीम हमारे भारतीय मूल कि प्रजाति है जो सबसे अधिक मूल्यवान है लेकिन आज कल कि पीढ़ी को इसके बारे में बहुत ही कम जानकारी  है |  नीम बहुत ही गुणकारी पेड़ है नीम की पत्तिया , छाल , नीम के फल सभी बहुत ही गुणकारी है | नीम की पत्तियों का धुँआ मच्छरों और कीड़े मकोडो को दूर भगाता है कुछ समय पहले तक इसका इस्तेमाल बड़े -बड़े गोदामो में नीम की पत्तियों का धुआं फैका जाता था जिसके कारण भंडारित अनाज में कीट पतंगे नहीं लगते थे , नीम के छाल से कई प्रकार के रसायन मिलते है जो चमड़ा रंगने  के काम आते है नीम का उपयोग तेल साबुन , दन्त मंजन बनाने में भी किया जाता  है | नीम के वृक्ष में अन्य पेड़ की अपेक्षा अधिक ओक्सिजन होती है | आदि काम में हमारे ऋषि मुनि भी कहा करते थे की नीम हवा को साफ़ करता है इसके हर भाग में औषधिक गुण  है इसी कारण हमारे बुजुर्ग सदियों से घरो के समीप नीम के पेड़ लगाते आये है | 
आदि काल से इसका नाम उन देवताओ के साथ लिया जाता है जो रोगों और बीमारियों से हमारी रक्षा करते आये है सदियों से किसान अनाज को कीड़ो से बचाने  के लिए नीम का पत्तो का प्रयोग करता आया है |  गावो में चरम रोगों होने पर भी नीम की पत्तियों को उबाल कर नहाने की सलाह दी जाती है, पेट के कीड़ो और गठिया रोगों में भी नीम का तेल दवा के रूप में काम आता है | सदियों से हमारे पूर्वज नीम को घरेलु चिकित्सक के रूप में प्रयोग करते आये है  आयुर्वेद में नीम को " सर्वरोग निवारण " की संज्ञा दी गई है | और भी ऐसी बहुत सी बीमारियाँ है जिसमे नीम का उपयोग होता है  |

गाव देहात के लोगो पुराने समय से नीम के गुणों को जानते आये है परन्तु  आज नीम का उपयोग पूर्ण  रूप से नहीं हो रहा है गावो में अक्सर लोग नीम का दातुन के रूप में इस्तेमाल करता है जो मुह के कई रोगों से रक्षा करता है हम खुद भी जब भी गाव जाते है टूथब्रश का इस्तेमाल बहुत ही कम करते है दातुन का ही प्रयोग करते है
..............घर के आँगन में नीम के पेड़ को लेकर कितने ही सांस्कृतिक बिम्ब हमारे सामाजिक जीवन में उभरे है , हिंदी साहित्य तथा गीतों में भी नीम का खुलकर बखान हुआ है  सांप के काटने पर भी नीम की पत्तियों खिलाने का प्रचलन भी देहातो में है नीम के अनेको गुण है  जिन लोगो ने इसे गंभीरता से जांचा परखा है उनका मानना है नीम अपने से दूसरी प्रजाति के पेड़ पौधों को भी सुरक्षा प्रदान करता है |

.........नीम में में विशेषताओं का खजाना  लबालब भरा पड़ा है जो सिर्फ अधिक फसलो से उत्पादन में हमारी मदद करता है बल्कि भयंकर बीमारियों के उपचार हेतु प्रयोग में लाया जाता है|

नीम की महता को देखते हुए आज आवश्यकता इस बात की है की इस पेड़ को बहुमूल्य राष्ट्रीय  संपदा  घोषित किया जाए ............! 

Wednesday, May 28, 2014

Name of disease